Tuesday, June 19, 2007
राष्ट्रपति चुनाव बदलते समीकरण
आज राष्ट्रपति चुनावो मे नया मोड़ आ गया है तीसरे मोर्चे ने डाक्टर कलाम को दोबारा राष्ट्रपति बनाने कि माँग की है निर्दलीय उमीद्वार शेखावत ने भी कलाम का समर्थन करके नयी बहस को जन्म दिया है शेखावत की इस चाल से सत्ता धारी गठबंधन सांसत मे है कांग्रेस ने बड़ी मुश्किल से तो पहली महिला राष्ट्रपति के नाम पार प्रर्तिभा पाटिल के लिए सहमति बनाईं है वैसे कांग्रेस पिछले चुनावो मे लक्ष्मी सहगल का विरोध कर चुकी है क्या वो पहली महिला राष्ट्रपति नही बन सकती थी अगर कांग्रेस वास्तव मे किसी महिला को राष्ट्रपति बनाना चाहती थी तो उसे शुरुआत मे ही किसी महिला का नाम आगे करना चाहिए था लेकिन कांग्रेस कि ऐसी कोई इच्छा नही थी वाम पार्टियो ने जब सारे ही उम्मीदवारो के नाम पर ना कर दी तो मजबूरी मे प्रतिभा का नाम पहली महिला राष्ट्रपति के तमगे के साथ आगे करना पड़ा वो कांग्रेस की पहली पसंद नही है वो तो मजबूरी है वैसे अभी भी वक़्त है कलाम साहब को अभी भी मनाया जा सकता है मुझे नही लगता कि भारत कि फ़िलहाल उनसे ज्यादा योग्य उम्मीदवार और कोई मिलेगा फिर भी वो ना राज़ी हो तो भैरो सिंह शेखावत को परम्परा अनुसार भारत का राष्ट्रपति बनना चाहिए
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